53 बीघा क्षेत्र में नोटिस जारी, अवैध निर्माणकर्ताओं में मचा हड़कंप
कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रवर्तन जोन-4 की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 48 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। वहीं करीब 53 बीघा क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग को चिन्हित करते हुए नोटिस जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई उपाध्यक्ष अंकुर कौषिक एवं सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में दिनांक 18 मई 2026 को सम्पन्न की गई।
प्राधिकरण की टीम ने ग्राम सकरापुर नर्वल (मथुरापुर योजना के पीछे) स्थित आराजी संख्या-109, 122 व अन्य भूमि पर विशाल, लल्लू एवं अन्य लोगों द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र एवं अनुमति के की जा रही लगभग 48 बीघा अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान लगभग 48 बीघा क्षेत्र में बनाई गई सड़कें, नाले, बाउंड्रीवाल, बिजली के खंभे, पिलर, एंट्री गेट, सीवर लाइन तथा कई निर्मित एवं निर्माणाधीन भवनों को 2 जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
इसके अतिरिक्त प्रवर्तन जोन-4 द्वारा दो अन्य अवैध प्लाटिंग को भी चिन्हित किया गया है। इनमें मौजा रमईपुर स्थित लगभग 18 बीघा क्षेत्र तथा इंदिरा नगर फेज-1, उरियारा के निकट लगभग 35 बीघा क्षेत्र शामिल है। संबंधित निर्माणकर्ताओं द्वारा स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने पर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान अवर अभियंता अटल चतुर्वेदी, सुपरवाइजर मनोज कुमार, संदीप यादव, आबिद अहमद, प्रमोद कुमार, अजय चौरसिया, शिवकुमार सहित संबंधित थाने का पुलिस बल मौजूद रहा।
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्लाटिंग या भूमि की खरीद से पूर्व कानपुर विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा मानचित्र स्वीकृत कराकर उसी के अनुसार निर्माण कराएं, ताकि भविष्य में आर्थिक एवं मानसिक क्षति से बचा जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों एवं प्लाटिंग के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।