कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण को ग्राम बिनगवां की बहुचर्चित भूमि मामले में बड़ी कानूनी सफलता मिली है। ने रिट याचिका संख्या 64953/2014 राम पाल व 12 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 13 कास्तकारों की याचिका खारिज कर दी है।
यह मामला तहसील सदर के ग्राम बिनगवां स्थित उस भूमि से जुड़ा था जिसे अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट 1976 के अंतर्गत सीमाधिक्य (Surplus Land) घोषित किया गया था। लंबे समय से न्यायालय में लंबित इस प्रकरण में अब फैसला केडीए के पक्ष में आने के बाद उक्त भूमि पर विकास एवं निर्माण कार्यों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
बताया गया कि ग्राम बिनगवां स्थित इस भूमि का कुल क्षेत्रफल लगभग 63,145 वर्गमीटर है, जिसकी वर्तमान सर्किल दर के अनुसार अनुमानित कीमत करीब 221 करोड़ रुपये आंकी गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश को कानपुर विकास प्राधिकरण के लिए बड़ी प्रशासनिक और कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है।
केडीए अधिकारियों के अनुसार, अब इस बहुमूल्य भूमि पर योजनाबद्ध विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे शहर के विस्तार और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।
इस संबंध में विशेष कार्याधिकारी (विधि) सत शुक्ला ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भूमि पर विकास कार्यों में अब कोई विधिक बाधा शेष नहीं रह गई है।
