BREAKING
'सीजफायर नहीं बढ़ेगा और डील भी होगी', ईरान से युद्धविराम पर बोले ट्रंप - Jagran | राष्ट्र के नाम संबोधन देकर पीएम मोदी ने तोड़ी आचार संहिता? 700 नागरिकों की EC से क्या डिमांड - Hindustan Hindi News | आबकारी नीति: अरविंद केजरीवाल की याचिका खारिज होने पर संजय राउत बोले, 'इस हद तक...' - ABP News | Iran-US Ceasefire Talk Live: क्या फिर छिड़ेगा युद्ध? न वेंस आए इस्लामाबाद, न ईरानी दल, खत्म होने को है सीजफ... - News18 Hindi | खड़गे बोले-मोदी आतंकवादी, बाद में कहा- ऐसा नहीं बोला: मेरा मतलब था मोदी लोगों और विपक्षी पार्टियों को डराते-... - Dainik Bhaskar
Home /आपका शहर

अवैध निर्माण पर KDA का बड़ा एक्शन: 40,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में सीलिंग, कई प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

अवैध निर्माण पर KDA का बड़ा एक्शन: 40,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में सीलिंग, कई प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर


कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने अवैध और अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की है। मंगलवार को प्रवर्तन (जोन-1बी) टीम ने लगभग 40,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए कई परिसरों को सील कर दिया।

यह कार्रवाई उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। सील किए गए परिसरों को गंगाघाट, शुक्लागंज और बिठूर थाने की पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया है।

कार्रवाई के दौरान ग्राम सहजनी, देवारा शुक्लागंज (उन्नाव) सहित कई स्थानों पर बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग पर सीलिंग की गई। वहीं, ग्राम बैरी अकबरपुर बांगर, बगदौदी बांगर आदि क्षेत्रों में लगभग 3,000 से 10,000 वर्ग मीटर तक की अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित विकासकर्ताओं को 15 दिन के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा प्रशासन पुलिस बल के साथ ध्वस्तीकरण करेगा।

इसके अलावा गंगा नगर स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी में बिना स्वीकृत मानचित्र के बने जी+4 भवन को भी चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

KDA प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या भूमि की खरीद से पहले प्राधिकरण से ले-आउट की स्वीकृति की जानकारी अवश्य लें और निर्माण कार्य केवल स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की आर्थिक या कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Share this story