हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यूपी अध्यक्ष ने भरी हुंकार, बोले—125 सीटों पर निर्णायक हैं ब्राह्मण, मांझी, बिंद और निषाद मतदाता
पटना। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना के होटल पनाश में आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य को लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रघु मिश्रा ने जोरदार और आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में पार्टी आने वाले समय में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
रघु मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक भूमि इस समय बेहद उपजाऊ है। प्रदेश की करीब 125 विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण, मांझी, बिंद और निषाद मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। यही मतदाता चुनावी परिणामों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि मांझी, बिंद और निषाद समाज के लोगों में पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के प्रति विश्वास है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक इन वर्गों के नाम पर राजनीति करने वाले दलों ने उन्हें अपेक्षित सम्मान और प्रतिनिधित्व नहीं दिया।
ब्राह्मण समाज को सम्मान देने का दावा
यूपी अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश का ब्राह्मण समाज भी पारंपरिक राजनीतिक दलों से खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने एक ब्राह्मण पुत्र को उत्तर प्रदेश की कमान सौंपकर समाज के प्रति सम्मान का संदेश दिया है।
रघु मिश्रा ने दावा किया कि यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन के नेतृत्व में पार्टी उत्तर प्रदेश में मजबूती से चुनाव मैदान में उतरती है तो विधानसभा और उच्च सदन में पार्टी अपना प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी।
‘सरकार बनाने में निर्णायक होगी हम’
रघु मिश्रा ने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में किस दल की सरकार बनेगी, इसमें हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ‘हम’ के सक्रिय सहयोग के बिना किसी भी राजनीतिक दल के लिए उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना आसान नहीं होगा।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने उत्तर प्रदेश में संगठन के व्यापक विस्तार का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। साथ ही पार्टी के मुख्य संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के भी प्रदेश में लगातार कार्यक्रम और जनसभाएं आयोजित किए जाने की बात कही गई।
पार्टी नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत कर आगामी समय में एक प्रभावी राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने का संकल्प व्यक्त किया।