कम सीडी रेश्यो वाले बैंकों को चेतावनी, सीएम युवा योजना के 6000 लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण देने के निर्देश
कानपुर नगर।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बैंक केवल जमा संग्रहण तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि, उद्योग, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता बरतने वाले बैंकों तथा ऋण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक में बैंकवार प्रदर्शन, ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अग्रणी जिला प्रबंधक आदित्य चंद्रा ने बताया कि मार्च 2026 में कानपुर नगर का सीडी रेश्यो 54.69 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
इस पर जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को जमा धनराशि के सापेक्ष ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), निर्यात, शिक्षा, गृह निर्माण, सामाजिक अवसंरचना तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए वर्ष 2026-27 के प्राथमिकता क्षेत्र ऋण वितरण लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा।
समीक्षा के दौरान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सीडी रेश्यो 23.56 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक का 28.93 प्रतिशत तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 35.50 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को चेतावनी दी और प्रदर्शन में सुधार लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद में 3008 ऋण वितरित किए गए थे, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए शासन ने 6000 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को पात्र युवाओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने 27 जून को आयोजित होने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस के मद्देनजर जिला उद्योग केंद्र द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के ऋण संबद्धीकरण, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि किसी ऋण आवेदन में अभिलेखों या अन्य औपचारिकताओं की कमी हो तो आवेदक को तत्काल इसकी जानकारी देकर समस्या का समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी विभाग से रिपोर्ट या सूचना अपेक्षित होने पर अग्रणी जिला प्रबंधक के माध्यम से समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए। अकारण ऋण आवेदनों को लंबित रखने वाले बैंक अधिकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लंबित आवेदनों का गुण-दोष के आधार पर शीघ्र निस्तारण करते हुए स्वीकृति एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित ऋण प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सभी बैंकों की जिम्मेदारी है और अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, भारतीय रिजर्व बैंक की एलडीओ नम्रिता किरण, अग्रणी जिला प्रबंधक आदित्य चंद्रा, नाबार्ड के डीडीएम, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रमुख उपस्थित रहे।