सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से कराएं अनुपालन, स्कूल-कॉलेजों में चलाएं जागरूकता अभियान*
*जून में बिना हेलमेट 38,221 और रॉन्ग साइड ड्राइविंग में 14,707 चालान*
*पीएम राहत जन आरोग्य योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों के उपचार के लिए जनपद में 09 अस्पताल चिन्हित*
कानपुर नगर।
जिलाधिकारी जीतेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों, प्रवर्तन कार्रवाई, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार तथा सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अपने सुझाव दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी दुर्घटनाओं को रोक सकती है और अनमोल जीवन बचा सकती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों एवं युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया जाए, ताकि कम उम्र से ही उनमें सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित हो सके। जनजागरूकता अभियान, रैली, प्रतियोगिताओं एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से यातायात नियमों और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जून 2026 में यातायात पुलिस द्वारा ओवर स्पीडिंग में 9,619, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने पर 38,221, रॉन्ग साइड ड्राइविंग में 14,707, ड्रंक एंड ड्राइविंग में 422 तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर 367 चालान किए गए।
बैठक में राहवीर योजना एवं पीएम राहत जन आरोग्य योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई। राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की गोल्डन ऑवर में सहायता कर उसे अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद महत्वपूर्ण शुरुआती समय में आम नागरिकों को घायलों की सहायता के लिए प्रेरित करना तथा समय पर चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराकर उनका जीवन बचाना है।
पीएम राहत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम सात दिनों तक अथवा ₹1.50 लाख तक, जो भी पहले हो, कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जनपद कानपुर नगर में योजना के अंतर्गत उपचार के लिए 09 अस्पताल चिन्हित किए गए हैं। इनमें वेदान्ता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशीर्वाद हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल प्रा. लि., उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर प्रा. लि., रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा रामा हॉस्पिटल शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए और दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखी जाए। साथ ही राहवीर योजना एवं पीएम राहत जन आरोग्य योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को समय पर सहायता एवं उपचार उपलब्ध हो सके और अनमोल जीवन बचाए जा सकें।
बैठक में डीसीपी यातायात रविंद्र कुमार, एडीएम सिटी आलोक कुमार गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग एवं शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

