
48 हजार यूनिट रक्त देकर बचाईं हजारों जिंदगियां, रक्तदाताओं को डीएम ने किया सम्मानित
कानपुर नगर, 15 जून 2026।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज स्थित रक्तकेन्द्र विभाग द्वारा नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं तथा रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग करने वाली सामाजिक संस्थाओं एवं गैर सरकारी संगठनों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। रक्तदान ऐसा दान है, जो सीधे किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम बनता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान करता है तो वह किसी जरूरतमंद को जीवन का दूसरा अवसर प्रदान करता है।
जिलाधिकारी ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के रक्तकेन्द्र की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल कानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के अनेक जनपदों के मरीजों के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि रक्तकेन्द्र अब तक 48 हजार से अधिक यूनिट रक्त एवं रक्त अवयव उपलब्ध कराकर हजारों मरीजों के जीवन की रक्षा कर चुका है।
उन्होंने सिविल डिफेंस, कानपुर थैलेसीमिया सोसायटी एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इनके प्रयासों से समाज में जागरूकता बढ़ी है और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो पा रहा है।
विशिष्ट अतिथि संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन टाडा ने कहा कि रक्तदाता समाज के ऐसे गुमनाम नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा अनगिनत परिवारों के जीवन में खुशियां लौटाती है। वहीं उप-प्रधानाचार्य डॉ. रिचा गिरि ने रक्तदान को मानवता को जोड़ने वाला सामाजिक दायित्व बताया।
नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि रक्तकेन्द्र कानपुर नगर सहित आसपास के 17 जनपदों को रक्त एवं रक्त अवयव उपलब्ध करा रहा है, जिससे प्रतिदिन अनेक मरीजों को नया जीवन मिल रहा है।
समारोह में नियमित रक्तदाताओं एवं रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया गया तथा अधिक से अधिक लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सक, अधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में रक्तदाता उपस्थित रहे।

