कानपुर।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार सुबह 11 बजे निचली गंगा नहर, कानपुर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता समेत चार सहायक अभियंता, तीन लिपिक और एक सींचपाल कार्यालय से अनुपस्थित मिले। मानसून के दौरान नहरों और तटबंधों की निगरानी जैसे संवेदनशील समय में जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण में सहायक अभियंता सार्थक, प्रशांत वर्मा, राम प्रकाश और विनोद कुमार बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित पाए गए। वहीं लिपिक वीरेंद्र कुमार माथुर, एन.के. पटेल, ज्योति खन्ना तथा सींचपाल संजय कुमार गुप्ता भी कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। जिलाधिकारी ने सभी को 28 जुलाई के लिए अनुपस्थित मानते हुए नियमानुसार एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए तथा संबंधित अधिकारियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण और तथ्यपरक आख्या प्रस्तुत करने को कहा।
अधिशासी अभियंता से भी तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है। उनसे पूछा गया है कि वर्षा ऋतु जैसी संवेदनशील परिस्थितियों में स्वयं और सभी सहायक अभियंता बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित क्यों थे तथा नहरों और तटबंधों की निगरानी किस प्रकार सुनिश्चित की जा रही थी।
निरीक्षण के दौरान कार्यालयीय अनुशासन में भी गंभीर खामियां सामने आईं। सहायक अभियंताओं द्वारा उपस्थिति पंजिका पर नियमित हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे थे और कार्यालय में भ्रमण पंजिका (मूवमेंट रजिस्टर) भी उपलब्ध नहीं मिली। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल भ्रमण पंजिका तैयार कराने तथा कार्यालय से बाहर जाने वाले प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के समय, स्थान, उद्देश्य और वापसी का समय अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी राजपत्रित अधिकारियों को प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी ने नहरों, तटबंधों, पुल-पुलियों और जल निकासी व्यवस्था का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर, कटान और तटबंधों की स्थिति की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने वर्षा ऋतु के दौरान प्रत्येक अधिशासी एवं सहायक अभियंता की क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय करने, मोबाइल नंबर और वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था अद्यतन रखने तथा निरीक्षण केवल अभिलेखों तक सीमित न रखकर नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पटल सहायकों के कार्यों की समीक्षा के दौरान भी कई कर्मचारी अपने कार्यों का संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके, जिस पर जिलाधिकारी ने कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर नियमित निरीक्षण करने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।