933 महिलाओं की काउंसलिंग, 422 पारिवारिक विवाद आपसी समझौते से सुलझे
पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता और सुरक्षित आश्रय की सुविधा एक ही छत के नीचे
डीएम बोले: महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और त्वरित सहायता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
कानपुर, 17 जुलाई।
उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर कानपुर में महिलाओं के लिए सुरक्षा और सहायता का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है। जनवरी से जून 2026 के बीच महज छह महीनों में 1924 पीड़ित महिलाओं को सेंटर के माध्यम से मनोसामाजिक परामर्श, पुलिस सहायता, कानूनी मदद, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया। इस पहल से न केवल महिलाओं को तत्काल राहत मिली, बल्कि टूटने की कगार पर पहुंचे सैकड़ों परिवार भी दोबारा एकजुट हुए।
मनोसामाजिक परामर्श और समझौते से सुलझे सबसे अधिक मामले
सखी वन स्टॉप सेंटर में छह महीनों के दौरान सबसे अधिक 933 महिलाओं को मनोसामाजिक परामर्श देकर मानसिक तनाव और अवसाद से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। वहीं 422 मामलों में आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से पारिवारिक विवादों का समाधान कराया गया, जिससे कई परिवार बिखरने से बच गए।
इसके अलावा 211 महिलाओं को सुरक्षित शेल्टर होम, 166 मामलों में चिकित्सा सहायता, 154 मामलों में पुलिस सहायता तथा 38 महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई।
हर महीने मिलती रही त्वरित सहायता
मासिक आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून तक सेंटर ने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। सुलह-समझौते, काउंसलिंग, शेल्टर, चिकित्सा, कानूनी और पुलिस सहायता के मामलों में प्रत्येक माह संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की गई। मई और जून में काउंसलिंग के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को मानसिक संबल मिला।
एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
सखी वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर वंदना द्विवेदी ने बताया कि सेंटर का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को बिना किसी भटकाव के एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत किया जाता है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याओं का सामना कर सकें। छह महीनों में 900 से अधिक महिलाओं की काउंसलिंग और 400 से अधिक परिवारों में सुलह कराना टीम की संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण है।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास कुमार ने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से हर पीड़ित महिला को समय पर प्रशासनिक, चिकित्सीय, पुलिस और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है तथा विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।
वहीं जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि कानपुर जिला प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर एक प्रभावी व्यवस्था साबित हुआ है, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने से महिलाओं को त्वरित राहत और न्याय सुनिश्चित हो रहा है।
मिशन शक्ति का असर: छह महीने में 1924 महिलाओं को मिला सहारा, सखी वन स्टॉप सेंटर बना सुरक्षा का मजबूत कवच

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