सीएम योगी के संकल्प ने बदली दिव्यांग बेटी की तकदीर, इलाज-शिक्षा के बाद अब परिवार को मिली आजीविका की नई राह

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कानपुर नगर, 3 जुलाई।
कभी सुनने और बोलने में असमर्थ एक दिव्यांग बेटी अपनी पीड़ा लेकर कानपुर से पैदल लखनऊ पहुंची थी। आंखों में उम्मीद थी और दिल में विश्वास कि शायद कोई उसकी बात सुनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल उसकी बात सुनी, बल्कि एक ऐसा संकल्प लिया जिसने उस बेटी और उसके पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।
शुक्रवार को यह बदलाव एक बार फिर भाव

नाओं के रूप में कलेक्ट्रेट परिसर में दिखाई दिया, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खुशी गुप्ता के पिता कल्लू गुप्ता को नए ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। यह सिर्फ एक वाहन नहीं था, बल्कि संघर्ष से जूझ रहे परिवार के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और नए भविष्य की सौगात थी।
जिलाधिकारी की पहल पर एनआरजे इलेक्ट्रिक मोटर व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सीएसआर फंड से यह ई-रिक्शा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया। वाहन का पंजीकरण खुशी की मां गीता गुप्ता के नाम पर कराया गया, जिससे परिवार को स्थायी आजीविका का साधन मिल सके।
कुछ समय पहले तक कल्लू गुप्ता किराये का ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। कमाई का बड़ा हिस्सा किराये में चला जाता था। इसी बीच सड़क दुर्घटना में पैर में चोट लगने से आय का वह साधन भी प्रभावित हो गया। परिवार एक बार फिर संकट में था। जैसे ही यह जानकारी जिलाधिकारी के संज्ञान में आई, उन्होंने बिना देर किए परिवार को अपना ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की पहल की।
खुशी की कहानी पूरे प्रदेश में उस समय चर्चा का विषय बनी थी, जब वह अपनी समस्याओं को लेकर पैदल ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंच गई थी। मुख्यमंत्री ने उसकी पीड़ा को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि उसके उपचार, शिक्षा और पुनर्वास में कोई कमी न रहने पाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद फरवरी 2026 में खुशी का सफल कॉक्लियर इम्प्लांट कराया गया। अब वह पहले की अपेक्षा बेहतर सुन और समझ पा रही है तथा नियमित स्पीच थेरेपी से बोलना भी सीख रही है। उसकी पढ़ाई जारी रखने के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने लखनऊ के मोहान रोड स्थित समेकित विशेष माध्यमिक (आवासीय) विद्यालय में कक्षा-9 में उसका प्रवेश भी सुनिश्चित कराया।
ई-रिक्शा की चाबी मिलने के बाद सबसे भावुक पल तब आया, जब कभी अपनी बात भी व्यक्त न कर पाने वाली खुशी ने मुस्कुराकर कहा—"थैंक यू योगी जी।" यह छोटा-सा वाक्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू गया।
खुशी की मां गीता गुप्ता ने भावुक होकर कहा, "पहले बेटी के इलाज की चिंता थी, फिर उसकी पढ़ाई की। अब रोजी-रोटी की चिंता भी खत्म हो गई है। योगी जी के आशीर्वाद और प्रशासन के सहयोग से हमारे परिवार को नया जीवन मिला है।"
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा केवल सहायता देना नहीं, बल्कि ऐसे परिवारों को आत्मनिर्भर बनाकर सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है। उसी सोच के अनुरूप खुशी के उपचार, शिक्षा और अब उसके परिवार की आजीविका सुनिश्चित की गई है।