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कानपुर, 20 जून। दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को आधुनिक सहायक उपकरणों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कानपुर ने देश में एक नई मिसाल कायम की है। मोतीझील मेट्रो स्टेशन के पास बेनाझाबर रोड स्थित देश के पहले "असिस्टिव टेक्नोलॉजी (एटी) मार्ट" का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को साकार करती 'दिव्यांग सहारा योजना' के तहत शुरू किए गए इस हाईटेक केंद्र से अब जरूरतमंदों को कृत्रिम अंगों और सहायक उपकरणों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम एलिम्को द्वारा विकसित यह एटी मार्ट 'थ्री-इन-वन' मॉडल पर आधारित है। यहां दिव्यांगजन और बुजुर्ग आधुनिक उपकरणों को देख सकेंगे, विशेषज्ञों से उनकी उपयोगिता समझ सकेंगे और लाइव ट्रायल के बाद निर्धारित मूल्य पर उन्हें खरीद भी सकेंगे। इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर, आधुनिक ट्राइसाइकिल, वॉकर, बैसाखी, डिजिटल श्रवण यंत्र, चश्मे और हाईटेक कृत्रिम अंग जैसे उपकरण यहां उपलब्ध रहेंगे।
इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सर्विस और मरम्मत सुविधा है। अब व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र या कृत्रिम अंग खराब होने पर उनके पुर्जों की उपलब्धता और मरम्मत की परेशानी से भी राहत मिलेगी।
देश के पहले मॉडल एटी मार्ट का उद्घाटन मंडलायुक्त विजयेंद्र पांडियन ने किया। इस अवसर पर एलिम्को के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार सहित महाप्रबंधक (वित्त) अतुल रुस्तगी, महाप्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) संजीव अरोड़ा, प्रभारी महाप्रबंधक (मार्केटिंग) अजय चौधरी, प्रभारी महाप्रबंधक (उत्पादन) विवेक द्विवेदी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाएगी, बल्कि फ्रेंचाइज़ी मॉडल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित करेगी।
फोटो कैप्शन : मोतीझील स्थित देश के पहले हाईटेक एटी मार्ट का उद्घाटन करते मंडलायुक्त विजयेंद्र पांडियन एवं एलिम्को के वरिष्ठ अधिकारी।