21 में से 19 सीटों पर गठबंधन की जीत, सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय सहकारी संघ लिमिटेड (NCUI) के प्रबंध मंडल के चुनाव में सहकार भारती और भाजपा के सहकारिता प्रकोष्ठ के संयुक्त गठबंधन ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। अनौपचारिक परिणामों के अनुसार गठबंधन ने 21 में से 19 सीटों पर जीत दर्ज कर अपना दबदबा स्थापित किया है। इसी के साथ भारत सरकार ने सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया को NCUI का संचालक मनोनीत किया है। उनका यह मनोनयन चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद किया गया।
18 जुलाई को हुए मतदान और 19 जुलाई को हुई मतगणना के बाद सामने आए अनौपचारिक परिणामों में 10 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए, जिसे चुनाव की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अंतिम औपचारिक परिणाम की घोषणा केंद्रीय निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।
सहकारिता क्षेत्र के जानकारों ने इस प्रचंड जीत को सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। विजयी उम्मीदवारों में सहकार भारती के संरक्षक दीनानाथ ठाकुर, इफको के चेयरमैन दिलीपभाई संघाणी, एनसीडीएफआई के चेयरमैन मिनेश शाह, कृभको के चेयरमैन बिपिन पटेल, नैफेड के मोहनभाई कुंडारिया, एनसीएफ के चेयरमैन विशाल सिंह, विनय कुमार शाही, प्रवीण दरेकर, जी.टी. देवेगौड़ा, जीना पोत्संगबम, घनश्याम अमीन, धनंजय सिंह, एच.के. पाटील, मुदित वर्मा, अण्णासाहेब जोल्हे तथा नकुल कडू प्रमुख हैं।
हालांकि गठबंधन के दो वरिष्ठ नेता एडवोकेट सुनील गुप्ता और भाजपा के महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य संजय भेंडे को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव अभियान का मार्गदर्शन सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदय जोशी, संरक्षक दीनानाथ ठाकुर, संगठन मंत्री संजय पाचपोर, भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष तथा एनडीबी के उपाध्यक्ष कुलदीप चेहल ने किया।
सहकारिता क्षेत्र के नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि नए प्रबंध मंडल के नेतृत्व में NCUI की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी बनेगी तथा देश के सहकारिता आंदोलन को नई गति और मजबूती मिलेगी।