कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के दुग्ध विकास विभाग की ओर से विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई और डेयरी व्यवसाय को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अधिक लाभकारी बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना 2026-27 के अंतर्गत चयनित 28 लाभार्थियों को मुख्य विकास अधिकारी ने चयन पत्र वितरित किए।
जिला दुग्ध विकास अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत बाहरी राज्यों से स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदने पर किसानों को 40 प्रतिशत (अधिकतम 80 हजार रुपये) तक का अनुदान दिया जाता है। उन्होंने किसानों से नंदिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि दुग्ध विकास विभाग की दुग्ध नीति योजना के अंतर्गत नया डेयरी प्लांट अथवा मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने पर 35 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, जिससे डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग सिंह ने पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए पशुपालकों को विभागीय सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं उप निदेशक कृषि एवं जिला उद्यान अधिकारी ने भी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी किसानों को दी।
कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. रामजी गुप्ता ने वैज्ञानिक पशुपालन, पशुओं के बेहतर रखरखाव तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने किसानों से राज्य सरकार की दुग्ध एवं पशुपालन संबंधी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने और डेयरी व्यवसाय को आत्मनिर्भर एवं लाभकारी बनाने का आह्वान किया।