सही जानकारी दें, डरने की जरूरत नहीं—जनगणना डेटा पूरी तरह गोपनीय: डीएम

*जनगणना में दी गई जानकारी न आरटीआई से सार्वजनिक होगी, न अदालत में बनेगी साक्ष्य : डीएम*
*जनगणना अधिनियम देता है गोपनीयता की कानूनी गारंटी*
*जनगणना में सही जानकारी देकर नीति निर्माण में करें सहभागिता*
*7 मई से 21 मई तक स्व-गणना, 22 मई से 20 जून घर-घर जाएंगे प्रगणक*
कानपुर नगर।
जनगणना 2027 को लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपदवासियों से सही और पूर्ण जानकारी देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना में नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रहती है। कानून के तहत यह जानकारी न तो सार्वजनिक की जाती है और न ही किसी न्यायालय में साक्ष्य के रूप में स्वीकार की जाती है। इसलिए नागरिक बिना किसी आशंका के सही जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि जनगणना के विश्वसनीय आंकड़े ही सरकार को वास्तविक स्थिति समझने और भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद करते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार जनगणना में एकत्र की गई व्यक्तिगत सूचनाओं को पूर्ण गोपनीयता प्रदान की गई है। अधिनियम की धारा 8 के तहत प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जनगणना से जुड़े प्रश्नों का अपनी सर्वोत्तम जानकारी के अनुसार उत्तर दे, जबकि धारा 15 के अंतर्गत जनगणना के दौरान एकत्रित अभिलेखों और अनुसूचियों में दर्ज व्यक्तिगत जानकारी का अवलोकन किसी व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता। इसी धारा के अनुसार जनगणना में दी गई जानकारी को किसी सिविल अथवा आपराधिक न्यायालय में साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता, अर्थात नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी किसी न्यायिक कार्यवाही में उनके विरुद्ध प्रयोग नहीं की जा सकती।
*सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत भी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं*
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना से संबंधित व्यक्तिगत जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत भी सार्वजनिक नहीं की जा सकती। इस अधिनियम की धारा 8(1)(ज) के तहत किसी व्यक्ति की निजी जानकारी को सार्वजनिक किए जाने से संरक्षण प्राप्त है। इस प्रकार जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत सूचनाएं न तो सार्वजनिक होती हैं, न ही किसी व्यक्ति या अन्य विभाग को व्यक्तिगत रूप में उपलब्ध कराई जाती हैं और न ही न्यायालय में साक्ष्य के रूप में प्रयोग की जा सकती हैं।
*7 से 21 मई तक स्व-गणना, 22 मई से घर-घर सर्वे*
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद में 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसमें नागरिक डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in पर नागरिक अपनी स्वगणना कर सकते है। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और आवश्यक आंकड़ों का संकलन करेंगे। उन्होंने बताया कि जनगणना के समय जो व्यक्ति जहां जिस स्थिति में निवासित होगा उसकी गणना उसी स्थिति में की जाएगी। सभी नागरिक सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
*डिजिटल प्रणाली से सुरक्षित रहेगा आंकड़ा*
उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और आंकड़ों के संकलन से लेकर उनके सुरक्षित भंडारण तक पूरी प्रक्रिया सुरक्षित डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे नागरिकों की जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करते हुए प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, क्योंकि विश्वसनीय आंकड़े ही सरकार को वास्तविक स्थिति समझने और जनहित की योजनाएं प्रभावी ढंग से तैयार करने में मदद करते हैं।
*आंकड़ों में जनगणना व्यवस्था (कानपुर नगर)*
कुल कार्मिक : 10467
प्रगणक : 8991
सुपरवाइजर : 1476
*तहसील क्षेत्र*
प्रगणक। सुपरवाइजर
सदर — 868 | 140
घाटमपुर — 837 | 140
नरवल — 585 | 98
बिल्हौर — 1010 | 150
*नगर निकाय / अन्य क्षेत्र*
कैंटोनमेंट बोर्ड — 156 | 25
घाटमपुर नगर पालिका — 61 | 10
बिल्हौर नगर पालिका — 35 | 6
शिवराजपुर नगर पंचायत — 20 | 4
बिठूर नगर पंचायत — 21 | 4
नगर निगम क्षेत्र
जोन-1 — 662 | 110
जोन-2 — 1149 | 192
जोन-3 — 1006 | 171
जोन-4 — 515 | 91
जोन-5 — 910 | 142
जोन-6 — 1156 | 193
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