लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जनगणना विभाग में कार्यरत 3600 कर्मचारियों की अनुपयोगिता का मामला सामने आया है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब विभाग के अधिकारियों ने पाया कि कई कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर डेटा प्रविष्टि करने में विफल रहे। इसके परिणामस्वरूप, गलत और अपूर्ण डेटा के राज्यव्यापी डेटाबेस में अपलोड होने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है